Tuesday, July 28, 2020

" कल्पना, सत्ये, कोशिश मै उलझा जीवन "


कल्पना !

दिल है आसमान को छू लूं , 
आसमन मै रखे उन तारो को चूम लूं ,
उन मै  बसी चमक को ज़िन्दगी मै भर लूं ,
चमक ऐसी जो ज़िन्दगी रोशन कर दे,
रात के सपनो मै उजाला भर दे !

सत्ये !

तारा है तो टूटेगा,
टूटने क साथ चमक बी ले डूबेगा,
ज़िन्दगी की रौशनी यूँही ढल जाये गी,
उन सपनो मै बसी खुशी कही गुम जाए गी,
रातो मै फिर अंधकार छा जाए गा !

कोशिश !

चाँद सी चमक जीवन मै भर दूंगा,
अंधकार मै बी बादलों मै चमकता दिखूगा,
चमक ऐसी जो कभी कम ना हो,
सपने ऐसे जो कभी अंधकार मै गुम ना हो,
अब फिर दिल है आसमान को छू लूं ,

आसमन मै रखे उस चाँद को चुम लूं !

Thursday, July 16, 2020

"ज़िन्दगी का अधूरा हिसाब"

आज पीछे मुड़ के देखा तो ज़िन्दगी का हिसाब मिल गया,
कुछ बिखरे सवालो का जवाब मिल गया,
डरता था जिस हकीकत से,
उस हकीकत से फिर रूबरू हो गया !

हकीकत ऐसी जिससे बचपन से भागता था,
कोई आके फिर ना दबोच ले,
बस इसी डर मै रेहता था !

डर ऐसा जो रातो सोने ना देता था,
कब सुबह हो इसी आस मै रहता था,
बस इसी खौफ से लड़ना चाहता था !

आज खौफ दूर हुआ तो ज़िन्दगी आगे बढ़ गई,
ज़िन्दगी के साथ ये लड़ाई अधूरी  रह गई,
काश उस वक़्त लड़ लिया होता,
ये हिसाब उसी वक़्त ख़तम कर दिया होता !

Tuesday, July 7, 2020

"आज दिल किया है घर वापिस लौट जाऊ"

आज दिल किया है घर वापिस लौट जाऊ,
बरसों से अकेली उस माँ के पास चला जाऊ,
छोड़ आया था जिस घर को अकेला,
उस घर को वापिस लौट जाऊ !

मांगी थी जिसस्ने दुआ मेरे काबिल बनने की,
आज वही दुआ बद्दुआ सी लगती है अकेलेपन मै,
मालूम है माँ तू हर रात रोती है,
उस वक़्त मेरी आँखे बी भर आती है !

खुश था जिस दिन घर से बहार पढ़ने  निकला था,
अनजान था उस दर्द से जो ज़िन्दगी मै दस्तक देने वाला था,
आज उस दर्द मै जी रहा हु,
सब कुछ होते हुए बी अकेला महसूस कर रहा हु !

उस मुलाकात की गहराई

तुमसे मिलने का वो पल, अभी भी याद है, एहसास ऐसे थे उस पल में, उन एहसासों का एहसास अभी भी याद है। भरी भीड़ में मुझे ढूंढ़ना, फिर यूँ देखकर मु...