फिर एक दिन आएगा, तुम्हारा मन भर जायेगा,
भरी आँखे लेके मैं कई सवाल करना चाहूँगा,
सवालों मै उलझा दिमाग दिल से हार जायेगा,
फिर एक दिन आएगा, तुम्हारा मन भर जायेगा !
मेरे इन सवालों को नज़रअंदाज़ करते हुए तुम फिर कहोगे,
मैं शुरुआत से साथ था ही नहीं,
मैंने शुरुआत से दिल लगाया ही नहीं,
मैंने शुरुआत से कहा था मुझसे उम्मीद रखना ही नहीं !
लेकिन मैं क्या करुं, इंसान हूँ दिल समय के साथ लग जाता है,
लेकिन मैं क्या करुं, इंसान हूँ उम्मीद रखना मेरी फितरत मैं है !
चलो कोई गम नहीं मैं दिल-दिमाग को समझा दूंगा,
अनजान मैं ही था जो वक़्त के साथ बह गया,
नादान मैं ही था जो वक़्त के साथ उम्मीद रखता गया !
Every single line of the poem is written beautifully annd deep meaning with simple words
ReplyDeleteThanks Monika
DeleteShabdo se khel k kuch baat bata chuke ho sach kahe toh darde dil ka hall bata chuke ho
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