Sunday, July 7, 2024

उस मुलाकात की गहराई

तुमसे मिलने का वो पल,
अभी भी याद है,
एहसास ऐसे थे उस पल में,
उन एहसासों का एहसास अभी भी याद है।

भरी भीड़ में मुझे ढूंढ़ना,
फिर यूँ देखकर मुस्कुराना,
तुम्हारी आँखों में जो सच्चाई है,
उसका एहसास ही अलग है।

तुम्हारी मौजूदगी में,
एक अजीब सी शांति है,
हर दिन जो साथ बीतता है,
वो दिल, दिमाग में रुक सा जाता है।

फिर एक दिन दिल को समझाया है,
उम्मीदों का थामा है,
जो चीज़ मुमकिन नहीं,
उस वक्त को क्यों आगे बढ़ाना है।

दूरी रखना मुश्किल है,
पर ये भी सही है, शायद ज़रूरी है,
तुम्हारे साथ उन लम्हों के एहसास,
वो भी ज़रूरी है।

आगे बढ़ते हैं,
सफ़र कहाँ तक जाएगा देखते हैं,
साथ रहोगे तो बेहतर है,
न रहो तो उस मुलाकात की गहराई काफी है।



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उस मुलाकात की गहराई

तुमसे मिलने का वो पल, अभी भी याद है, एहसास ऐसे थे उस पल में, उन एहसासों का एहसास अभी भी याद है। भरी भीड़ में मुझे ढूंढ़ना, फिर यूँ देखकर मु...