Wednesday, February 17, 2021

"एहसास हो तो बोल दो"


दिल मै जो एहसास हो तो बोल दो,
किसी के लिए मेहसूस करो तो बोल दो,
लफ्जों को दिल तक रखोगे तो पछताओ गे,
ज़ुबान पे लेआओ दिल को हल्का पाओ गे!

आज लफ्जों को ज़ुबान पे लाया है तो ज़िंदगी अलग है,
उन लफ्जों के एहसास की हवा कुछ सर्द, कुछ गरम है,
हवा मै उस शख्स की महक हर रोज़ महसूस होती है,
उन हाथो की गरमाहट दिल तक सुकून देती है!

दिल मै जो एहसास हो तो बोल दो
,
किसी के लिए मेहसूस करो तो बोल दो!

Tuesday, October 27, 2020

" बचपन के एहसास "

                                        
उस सर्द हवा का एहसास अभी भी है,
उम्र चाहे छोटी थी पर एहसास अभी भी है,
कौन कहता है,
एहसास महसूस करने के लिए उम्र मै होना ज़रूरी है,
जो दिल मै दर्द बचपन से लिए बैठे है,
उनके लिए ये एहसास महज़ एक रोना है !!!

Wednesday, October 21, 2020

" आज फिर रोया हूँ "

रोकना तो बहुत चाहा पर रोक ना पाया,
आंसू आँखों मे थे लेकिन दर्द दिल ने है पाया !

मेरी कहा चलति है इन आंसुओं पे बंदिश,
क्या सागर को कोई बन्ध है पाया,
दर्द तो सिर्फ दिल ने है पाया!



Sunday, August 23, 2020

"किस्मत और मेहनत का खेल"

कहते है किस्मत बदलते समय नही लगता,
मेरी किस्मत कहाँ खो गई मालूँम नही,
दिन बीतते जा रहे है, साल गुज़रते जा रहे है,
मै भी वहीं हु, मेरे बुरे दिन भी  वहीं है!

आज आहट हुई है,
किसी के चलने की आवाज़ आई है,
लगता है किस्मत को मेरी लकीर दिखी है,
लकीर मै छुपी मायूसी दिखी है!

ये क्या हुआ मायूसी युहीं रह गई,
लकीरे युहीं मायूस रह गई,
किस्मत को मेरे घर का रास्ता मिल तो गया,
लगता है पता ढूंढ़ने मै किसी और घर रह गई!

अंत यही कहूँगा,
ये मेरे बचपन के ख्याल थे,
बिना मेहनत के कुछ मिलता नहीं,
मेहनत के बिना किस्मत को पता मिलता नहीं!

Friday, August 14, 2020

"आज सुन तो लो"

जो दिल मे 
है सुन तो लो,
समय से पहले सुन तो लो,
कही गुम ना जाये ये लफ्ज़ मेरे दिलो दिमाग मे,
आज जुबान पे है सुन तो लो !

लफ्ज़ कुछ ऐसे है जो छू जायेगे,
यकीन है दिल मे घर कर जायेगे,
घर का किराया तक न देंगे,
वही रहे राज करेगे !

एक ही गुज़ारिश है,
जो दिल मे है सुन तो लो,
समय से पहले सुन तो लो 
आज 
जुबान पे है सुन तो लो!

Sunday, August 9, 2020

"दिल की बात"

दिल की बात बताना क्या ज़रूरी है,
दिल की दिल मै रखना क्या मजबूरी है,
ज़िक्र किया तो लोग हँसेगे,
ना बताया तो हम अन्दर ही अन्दर मरेगे !


आज दिल ने बोला है भर चूका हुँ मै,
आज मुझे खुलके रोने दे,
बाहर खडे इंसान को इस दर्द को देखने दे,
कैसा ये अकेलापन है इसे एहसास होने दे !


आँखों तक आंसू आये तो दिल ने फिर आवाज़ दी,
तू घर लौट वापिस आजा यही तेरी मंज़िल है,
क्या करेगा दुनिया देख कर लोग तुज पर हँसेगे,
यही हसी देखकर मुझसे और आंसू गिरेंगे !

Tuesday, July 28, 2020

" कल्पना, सत्ये, कोशिश मै उलझा जीवन "


कल्पना !

दिल है आसमान को छू लूं , 
आसमन मै रखे उन तारो को चूम लूं ,
उन मै  बसी चमक को ज़िन्दगी मै भर लूं ,
चमक ऐसी जो ज़िन्दगी रोशन कर दे,
रात के सपनो मै उजाला भर दे !

सत्ये !

तारा है तो टूटेगा,
टूटने क साथ चमक बी ले डूबेगा,
ज़िन्दगी की रौशनी यूँही ढल जाये गी,
उन सपनो मै बसी खुशी कही गुम जाए गी,
रातो मै फिर अंधकार छा जाए गा !

कोशिश !

चाँद सी चमक जीवन मै भर दूंगा,
अंधकार मै बी बादलों मै चमकता दिखूगा,
चमक ऐसी जो कभी कम ना हो,
सपने ऐसे जो कभी अंधकार मै गुम ना हो,
अब फिर दिल है आसमान को छू लूं ,

आसमन मै रखे उस चाँद को चुम लूं !

उस मुलाकात की गहराई

तुमसे मिलने का वो पल, अभी भी याद है, एहसास ऐसे थे उस पल में, उन एहसासों का एहसास अभी भी याद है। भरी भीड़ में मुझे ढूंढ़ना, फिर यूँ देखकर मु...