Tuesday, September 7, 2021

"आज दिल ठहरा है"

आज दिल ठहरा  है,
दिल ने आज समझा  है,
प्यार तो महज़ एक लफ्ज़ है,
दोस्ती ने प्यार करना सिखाया है!

लम्हो की शुरुवात दोस्ती से हो,
लम्हे खूबसूरत लगते है,
साथ बिताया वक़्त भी प्यारा लगता है!

क्यों दर दर भटकते हो प्यार के लिये,
किसी रोज दिल से भी पूछ आवाज ये ही आये गी,
दोस्ती मे ही तो प्यार है, इस रिशते मे एहसास है,

आज दिल ठहरा  है,
दिल ने आज 
समझा है,
प्यार तो महज़ एक लफ्ज़ है,
दोस्ती ने प्यार करना सिखाया है!

Thursday, June 24, 2021

"दो पल ही सहि"

दो पल ही सहि, हम साथ तो थे,
वक़्त कम था, पर 
हम वक़्त पर तो थे!

आज भी तुम्हारे साथ बिताया वक़्त,
इस बुरे वक़्त मे मेरा साथ देता है,
कुछ पल की यादे ही सहि ,
मुस्कुराने की वजा तो बनती है !

दो पल ही सहि, हम साथ तो थे,
वक़्त कम था, पर 
हम वक़्त पर तो थे!

Wednesday, February 17, 2021

"एहसास हो तो बोल दो"


दिल मै जो एहसास हो तो बोल दो,
किसी के लिए मेहसूस करो तो बोल दो,
लफ्जों को दिल तक रखोगे तो पछताओ गे,
ज़ुबान पे लेआओ दिल को हल्का पाओ गे!

आज लफ्जों को ज़ुबान पे लाया है तो ज़िंदगी अलग है,
उन लफ्जों के एहसास की हवा कुछ सर्द, कुछ गरम है,
हवा मै उस शख्स की महक हर रोज़ महसूस होती है,
उन हाथो की गरमाहट दिल तक सुकून देती है!

दिल मै जो एहसास हो तो बोल दो
,
किसी के लिए मेहसूस करो तो बोल दो!

Tuesday, October 27, 2020

" बचपन के एहसास "

                                        
उस सर्द हवा का एहसास अभी भी है,
उम्र चाहे छोटी थी पर एहसास अभी भी है,
कौन कहता है,
एहसास महसूस करने के लिए उम्र मै होना ज़रूरी है,
जो दिल मै दर्द बचपन से लिए बैठे है,
उनके लिए ये एहसास महज़ एक रोना है !!!

Wednesday, October 21, 2020

" आज फिर रोया हूँ "

रोकना तो बहुत चाहा पर रोक ना पाया,
आंसू आँखों मे थे लेकिन दर्द दिल ने है पाया !

मेरी कहा चलति है इन आंसुओं पे बंदिश,
क्या सागर को कोई बन्ध है पाया,
दर्द तो सिर्फ दिल ने है पाया!



Sunday, August 23, 2020

"किस्मत और मेहनत का खेल"

कहते है किस्मत बदलते समय नही लगता,
मेरी किस्मत कहाँ खो गई मालूँम नही,
दिन बीतते जा रहे है, साल गुज़रते जा रहे है,
मै भी वहीं हु, मेरे बुरे दिन भी  वहीं है!

आज आहट हुई है,
किसी के चलने की आवाज़ आई है,
लगता है किस्मत को मेरी लकीर दिखी है,
लकीर मै छुपी मायूसी दिखी है!

ये क्या हुआ मायूसी युहीं रह गई,
लकीरे युहीं मायूस रह गई,
किस्मत को मेरे घर का रास्ता मिल तो गया,
लगता है पता ढूंढ़ने मै किसी और घर रह गई!

अंत यही कहूँगा,
ये मेरे बचपन के ख्याल थे,
बिना मेहनत के कुछ मिलता नहीं,
मेहनत के बिना किस्मत को पता मिलता नहीं!

Friday, August 14, 2020

"आज सुन तो लो"

जो दिल मे 
है सुन तो लो,
समय से पहले सुन तो लो,
कही गुम ना जाये ये लफ्ज़ मेरे दिलो दिमाग मे,
आज जुबान पे है सुन तो लो !

लफ्ज़ कुछ ऐसे है जो छू जायेगे,
यकीन है दिल मे घर कर जायेगे,
घर का किराया तक न देंगे,
वही रहे राज करेगे !

एक ही गुज़ारिश है,
जो दिल मे है सुन तो लो,
समय से पहले सुन तो लो 
आज 
जुबान पे है सुन तो लो!

उस मुलाकात की गहराई

तुमसे मिलने का वो पल, अभी भी याद है, एहसास ऐसे थे उस पल में, उन एहसासों का एहसास अभी भी याद है। भरी भीड़ में मुझे ढूंढ़ना, फिर यूँ देखकर मु...