Friday, May 22, 2020

"सपनो मै उलझा जीवन"

है बहुत से सपने जीवन मे,
पर पूरे करू कैसे,
अभी हु बहुत कमज़ोर,
थामु कैसे सपनो की डोर !

एक एक कर उन सपनो को पूरा करना चाहता हूँ,
जीवन को उन सपनो के सूत्रों मे पिरोना चाहता हूँ !

उन सपनो को जीवन रथ पर कई ओर ले जाना चाहता हूँ,
लेंकिन डर है ये रथ जीवन मार्ग पर ना टूट जाये,
सपने पूरे करते करते जीवन की साँसे ना थम जाये !

साँसे थम गई तो क्या गम है,
लकिन सपने पूरे ना हुए तो गम ही गम है !

एक उम्मीद ( माँ ) है जीवन मै सपने पुरे करुगा अपने,
सपनो क साथ जीवन जीऊगा,
उम्मीद के साथ सपने पूरे करुँगा !


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