Tuesday, July 7, 2020

"आज दिल किया है घर वापिस लौट जाऊ"

आज दिल किया है घर वापिस लौट जाऊ,
बरसों से अकेली उस माँ के पास चला जाऊ,
छोड़ आया था जिस घर को अकेला,
उस घर को वापिस लौट जाऊ !

मांगी थी जिसस्ने दुआ मेरे काबिल बनने की,
आज वही दुआ बद्दुआ सी लगती है अकेलेपन मै,
मालूम है माँ तू हर रात रोती है,
उस वक़्त मेरी आँखे बी भर आती है !

खुश था जिस दिन घर से बहार पढ़ने  निकला था,
अनजान था उस दर्द से जो ज़िन्दगी मै दस्तक देने वाला था,
आज उस दर्द मै जी रहा हु,
सब कुछ होते हुए बी अकेला महसूस कर रहा हु !

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