रोकना तो बहुत चाहा पर रोक ना पाया,
आंसू आँखों मे थे लेकिन दर्द दिल ने है पाया !
मेरी कहा चलति है इन आंसुओं पे बंदिश,
क्या सागर को कोई बन्ध है पाया,
दर्द तो सिर्फ दिल ने है पाया!
एक आम इंसान के एहसास समाज के लिए, इंसान के लिए, इंसान के दिल के लिए,प्यार के लिए, खुशियों के लिए, उदासी के लिए ! कैसे एक आम इंसान दिल मै कई सारी कहानियां लिए, एहसास लिए इस समाज मे भटक रहा है, ना कोई राह दिखाने वाला है और ना कोई साथ चलने वाला ! कैसे अकेला आगे बढ़ रहा है, जीवन के हर एहसास को समज रहा है ! एहसास ऐसा जो दिल को छू जाये, एहसास ऐसा जो दिल को रुला जाये !
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उस मुलाकात की गहराई
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कहां जाऊं, कहीं जाना जरूरी है क्या, दिल चाहता है तुम्हे रोक लूं, कहीं जाना जरूरी है क्या ! मानता हूं शुरुआत से मेने कुछ जादा ही मांगा, क्या ...

Kya bat hai Sandar sir....
ReplyDeletethnx
DeleteBahot badhiyaa sir!!!
ReplyDeletethnx
DeleteAwesome sir.. Keep it up!!
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