दिल की बात बताना क्या ज़रूरी है,
दिल की दिल मै रखना क्या मजबूरी है,
ज़िक्र किया तो लोग हँसेगे,
ना बताया तो हम अन्दर ही अन्दर मरेगे !
आज दिल ने बोला है भर चूका हुँ मै,
आज मुझे खुलके रोने दे,
बाहर खडे इंसान को इस दर्द को देखने दे,
कैसा ये अकेलापन है इसे एहसास होने दे !
आँखों तक आंसू आये तो दिल ने फिर आवाज़ दी,
तू घर लौट वापिस आजा यही तेरी मंज़िल है,
क्या करेगा दुनिया देख कर लोग तुज पर हँसेगे,
यही हसी देखकर मुझसे और आंसू गिरेंगे !
दिल की दिल मै रखना क्या मजबूरी है,
ज़िक्र किया तो लोग हँसेगे,
ना बताया तो हम अन्दर ही अन्दर मरेगे !
आज दिल ने बोला है भर चूका हुँ मै,
आज मुझे खुलके रोने दे,
बाहर खडे इंसान को इस दर्द को देखने दे,
कैसा ये अकेलापन है इसे एहसास होने दे !
आँखों तक आंसू आये तो दिल ने फिर आवाज़ दी,
तू घर लौट वापिस आजा यही तेरी मंज़िल है,
क्या करेगा दुनिया देख कर लोग तुज पर हँसेगे,
यही हसी देखकर मुझसे और आंसू गिरेंगे !



